WELCOME

Wednesday, January 25, 2012

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं








एक क़ता हाज़िर है-

हक़ मिले सबको बराबर ऐसा संविधान है
एकता और अम्न ही अहले-वतन की शान है

राष्ट्रभक्ति इसलिए भी दौड़ती है खून में
मुल्क से जज़्ब-ए-मुहब्बत, हिस्सा-ए-ईमान है

शाहिद मिर्ज़ा शाहिद


17 comments:

इस्मत ज़ैदी said...

बहुत ख़ूबसूरत देशभक्ति से ओतप्रोत क़ता
आप को भी यौम ए जम्हूरिया बहुत बहुत मुबारक हो

kshama said...

Gantantr diwas kee anek shubh kamnayen!
Bahut dinon baad aapko blog pe paya hai....kaise hain aap?

शारदा अरोरा said...

kam magar pate ki baat likhi hai ...

shikha varshney said...

बहुत बहुत खूब ..राष्ट्र भक्ति जागते शब्द.
गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें.

daanish said...

देश-प्रेम की
पावन भावनाओं को रेखांकित करती हुई
खूबसूरत शब्दावली .... !

गणतंत्र दिवस के लिए शुभकामनाएँ .

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें

अरूण साथी said...

aameen

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह!!!!
लेकिन इतने से काम नहीं चलेगा मिर्ज़ा साहब. हम ग़ज़ल का इन्तज़ार कर रहे हैं. पेश की जाए :)

S.N SHUKLA said...

सार्थक,सामयिक पोस्ट, आभार.

S.N SHUKLA said...

इस सार्थक प्रविष्टि के लिए बधाई स्वीकार करें.

मैं आपके ब्लॉग को फालो कर चुका हूँ, अपेक्षा करता हूँ कि आप मेरे ब्लॉग"MERI KAVITAYEN" पर पधारकर मुझे भी अपना स्नेह प्रदान करेंगे .

आशा जोगळेकर said...

राष्ट्रभक्ति इसलिए भी दौड़ती है खून में
मुल्क से जज़्ब-ए-मुहब्बत, हिस्सा-ए-ईमान है

इन दो शेरों में ही आपके जज़्बात छलके पड रहे हैं । बहुत खूब ।

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

‎.

♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥
नव संवत् का रवि नवल, दे स्नेहिल संस्पर्श !
पल प्रतिपल हो हर्षमय, पथ पथ पर उत्कर्ष !!
-राजेन्द्र स्वर्णकार
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥

*चैत्र नवरात्रि और नव संवत २०६९ की हार्दिक बधाई !*
*शुभकामनाएं !*
*मंगलकामनाएं !*

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

.


कहां हैं आप इन दिनों भाईजान शाहिद मिर्ज़ा "शाहिद" साहब !

आशा है सपरिवार स्वस्थ-सानंद हैं …
आपकी नई ग़ज़ल के साथ आपका इंतज़ार है , वक़्त मिलते ही आइएगा …

घर-परिवार में सभी को
शुभकामनाओं-मंगलकामनाओं सहित…
-राजेन्द्र स्वर्णकार

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

सुन्दर.... भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

Sriprakash Dimri said...

इस भाव पूर्ण देश भक्ति से ओट प्रोत रचना के लिए हार्दिक अभिनन्दन ....सपरिवार गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएं !!!

आशा जोगळेकर said...

बहुत दिनों के बाद आई आप के ब्लॉग पर । पर यह क्या यहां तो जनवरी के बाद आप की उपस्तिथि ही नही है । आशा है आप स्वस्थ और प्रसन्न होंगे और जल्द ही ब्लॉग जगत में वापिस आयेंगे ।

adbiichaupaal said...

WAH WAH JANAB-