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Friday, November 2, 2012

करवा चौथ

हज़रात,
फ़िलहाल काफ़ी कुछ ऐसा है, जो नियमित रूप से नहीं चल रहा है...
बहरहाल....
करवा चौथ के मौके पर कही गई एक नज़्म हाज़िर है...
उम्मीद है पसंद फ़रमाएंगे-

नज़्म
मेरे सपनों का जहां तुझमें बसा है प्रियतम
तेरी खुशियां ही तो सिंगार मेरा है प्रियतम

तुमको पाया तो लगा पाया ज़माना जैसे
मेरे दामन में हो खुशियों का ख़ज़ाना जैसे

अब्र उठता है मुहब्बत का तेरी आंखों से
और बारिश में नहा के मैं निखर जाती हूं

तेरे चेहरे पे नज़र आती है मुस्कान मुझे
ग़म के अहसास से मैं खु़द ही उबर जाती हूं

मेरे मोहसिन मेरे सरताज मुहाफ़िज़ मेरे
चांद सी उम्र हो तेरी ये दुआ करती हूं
शाहिद मिर्ज़ा शाहिद




20 comments:

इस्मत ज़ैदी said...

अब्र उठता है मुहब्बत का तेरी आंखों से
और बारिश में नहा के मैं निखर जाती हूं

तेरे चेहरे पे नज़र आती है मुस्कान मुझे
ग़म के अहसास से मैं खु़द ही उबर जाती हूं

करवाचौथ के मौक़े की एक बेहतरीन नज़्म
बहुत ख़ूब !!

संगीता पुरी said...

सुंदर रचना पढने को मिली ..
आपका आभार

वन्दना said...

बहुत सुन्दर भाव संजोये हैं।

शारदा अरोरा said...

bahut sundar...

शिवम् मिश्रा said...

बहुत खूब ... सादर !


करवा का व्रत और एक विनती - ब्लॉग बुलेटिन पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप को करवा चौथ की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

चाँद सी उम्र हो तेरी ..... बहुत सुंदर गज़ल

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

करवाचौथ की हार्दिक मंगलकामनाओं के साथ आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (03-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!

kshama said...

Khoobsoorat! Har kisee kee dua qubool ho!

dheerendra bhadauriya said...

मेरे मोहसिन मेरे सरताज मुहाफ़िज़ मेरे
चांद सी उम्र हो तेरी ये दुआ करती हूं,,,,,,

वाह ,,,,बहुत खूब, करवाचौथ के अवसर पर लिखी,लाजबाब नज्म,,,शाहिद जी बधाई स्वीकारें,,

RECENT POST : समय की पुकार है,

expression said...

बहुत सुन्दर....
मौके पर कही गज़ल ने मन हर लिया...
शुक्रिया
अनु

Mukesh Kumar Sinha said...

behtareen nazm...:)

Anita said...

बहुत प्यारी नज़्म !
~सादर !

संगीता पुरी said...

सटीक और सुंदर प्रस्‍तुति

आशा जोगळेकर said...

मेरे मोहसिन मेरे सरताज मुहाफ़िज़ मेरे
चांद सी उम्र हो तेरी ये दुआ करती हूं
वाह शाहिद साहब ।

अनामिका की सदायें ...... said...

bahut pyari rachna.

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

आपका ब्लॉग यहाँ शामिल किया गया है । समय मिलने पर अवश्य पधारें और अपनी राय से अवगत कराएँ ।
ब्लॉग"दीप"

रश्मि प्रभा... said...

http://bulletinofblog.blogspot.in/2012/12/16.html

tbsingh said...

good lines.

tbsingh said...

good lines.

Brijesh Singh said...

आप, बस, लाजवाब हैं!